योगी सरकार ने नहीं दिया राशन कार्ड सरेंडर करने और रिकवरी का आदेश, प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत।

योगी सरकार ने नहीं दिया राशन कार्ड सरेंडर करने और रिकवरी का आदेश, प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बड़ी राहत।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की ओर से स्‍पष्‍ट किया गया है कि प्रदेश में राशन कार्ड सरेंडर करने अथवा उनके निरस्तीकरण एवं रिकवरी के सम्बन्ध में कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। खाद्य आयुक्त ने राशन कार्ड सरेंडर करने वाली खबरों को अफवाह और फर्जी करार दिया है।

यूपी सरकार ने रविवार को कहा कि राशन कार्ड सरेंडर करने या रद्द करने के संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है। राज्य के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने भ्रामक और झूठी रिपोर्टों का खंडन करते हुए कहा कि राशन कार्ड सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है जो समय-समय पर होती है। खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी योजनान्तर्गत आवंटित पक्का मकान, बिजली कनेक्शन, एक मात्र शस्त्र लाइसेंस धारक, मोटर साइकिल स्वामी, मुर्गी पालन / गौ पालन होने के आधार पर किसी भी कार्डधारक को अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता है। इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 तथा प्रचलित शासनादेशों में अपात्र कार्डधारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था भी निर्धारित नहीं की गयी है और रिकवरी के संबंध में शासन स्तर से अथवा खाद्यायुक्त कार्यालय से कोई भी निर्देश निर्गत नहीं किए गए है।
सत्यता यह है कि पात्र गृहस्थी राशनकार्डों की पात्रता/अपात्रता के सम्बन्ध में  07 अक्टूबर, 2014 के शासनादेश के मानक निर्धारित किए गए थे जिसमें वर्तमान में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। 
उल्लेखनीय है कि विभाग सदैव पात्र कार्डधारकों को नियमानुसार उनकी पात्रता के अनुरूप नवीन राशनकार्ड निर्गमित करता है तथा एक अप्रैल, 2020 से अब तक प्रदेश में कुल 29.53 लाख नवीन राशनकार्ड विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को जारी।
दरअसल, बीते कुछ दिनों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि नि:शुल्‍क राशन की सुव‍िधा लेने वाले सक्षम लोगों से रिकवरी की जा रही है। इस बीच जिन लोगों ने अपने राशन कार्ड सरेंडर कर दिए हैं, जिसने ऐसा नहीं किया उनसे वसूली की जाएगी। जिनका अब सरकार की ओर से खंडन किया गया है जिसके बाद प्रदेश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों ने राहत की सांस ली है।

Post a Comment

0 Comments

देश