देवबंद के मेला पंडाल में हुआ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, कवियों ने सुंदर काव्य पाठ से बांधा समां।

देवबंद: श्री त्रिपुर मां बाला सुंदरी देवी मेला पंडाल में शनिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने सुंदर काव्य पाठ कर श्रोताओं की देर रात तक वाहवाही लूटी।
नगरपालिका परिषद के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का उद्घाटन भाजपा जिलाध्यक्ष डा. महेंद्र सैनी, समाजसेवी अशोक गुप्ता, आईआईए के पूर्व चेयरमैन विजेश कंसल, मनमोहन गर्ग और चौ. सेवाराम ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रच्जवलित कर किया। 
नैनीताल से आई कवियत्री गोरी मिश्रा की सरस्वती वंदना से शुरू हुए कवि सम्मेलन में बुलंदशहर के मशहूर कवि डा. अर्जुन सिसौदिया ने पढ़ा ‘हलक में प्राण गद्दारों के अटका क्यों नहीं देते, बगावत के स्वरों को आप झटका क्यों नहीं देते’ ने श्रोताओं की जमकर तालियां बटोरी। फरीदाबाद के हास्य कवि दीपक गुप्ता ने अपनी हास्य रचना ‘हारा चुनाव जैसे ही वो दल बदल लिया, यह सोचकर कि उसने अपना कल बदल लिया’ ने श्रोताओं को देर तक गुदगुदाया। लखनऊ से आई कवियत्री प्रख्यात मिश्रा ने कुछ यूं कहा ‘धर्म सनातन के ध्वज वाहक रामलला के अनुचर में, परिवर्तन की क्षमता थी बस बाबा के बुलडोजर में’ सहारनपुर के युवा कवि मोहित संगम ने पढ़ा ‘सम्मान की माला है कोई हथकड़ी नहीं, बेकार वो साधना जो वक्त पे लड़ी नहीं’ नोएडा की अंजलि सिसौदिया के इस काव्य पाठ ‘भय से जीने वालों के इतिहास नहीं लिखे जाते, बिन संघर्षों के जीवन में स्वाद नहीं चखे जाते’ ने श्रोताओं की दाद बटोरी। 
अध्यक्षता राजकिशोर गुप्ता व संचालन कवि शशिकांत यादव शशि ने किया। संयोजक नितिन गुप्ता ने अतिथियों व कवियों का पटका पहनाकर व स्मृति चिंह भेंट कर अभिनंदन किया। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन चौ. राजपाल सिंह, बजरंग दल नेता विकास त्यागी, राजू सैनी, वैभव अग्रवाल, देवीदयाल शर्मा आदि मौजूद रहे।

समीर चौधरी/ रियाज़ अहमद।

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