सस्पेंस खत्म कार्तिकेय राणा होंगे देवबंद से सपा के उम्मीदवार, माविया अली के अगले कदम पर टिकी सभी की नजरें।

सस्पेंस खत्म कार्तिकेय राणा होंगे देवबंद से सपा के उम्मीदवार, माविया अली के अगले कदम पर टिकी सभी की नजरें।
देवबंद: देवबंद विधानसभा से सपा के टिकट को लेकर लंबे समय से हो रहे इंतजार को खत्म करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से कुछ घंटे पहले पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राणा के पुत्र कार्तिकेय रणा को समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है। 
कार्तिकेय राणा के उम्मीदवार बनाए जाने की खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है जबकि अन्य दावेदारों के समर्थकों में मायूसी देखी जा रही है।
अपने टिकट की जानकारी कार्तिकेय राणा ने खुद सोशल मीडिया पर दी हालांकि अभी तक समाजवादी पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा की सूची सामने नहीं आई है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का भी दावा है कि कार्तिकेय राणा का टिकट फाइनल है। हालांकि आधिकारिक जानकारी का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।
पिछले काफी समय से देवबंद विधानसभा के टिकट को लेकर अटकल बाजियां चल रही थी और दावेदारों की लंबी फेहरिस्त में से कार्तिकेय राणा बाजी ले गए। बताया जा रहा है कि मुख्य दावेदारों में पूर्व विधायक माविया अली और कार्तिकेय राणा ही थे जिसमें से सपा हाईकमान ने कार्तिकेय राण को प्राथमिकता दी है। कार्तिकेय राणा को टिकट दिए जाने की खबर मिलने के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दे रहे हैं।
देवबंद सीट पहले रालोद के पास जाने और फिर इमरान मसूद के पार्टी में एंट्री करने के बाद से घटे नए तरह के राजनीतिक घटनाक्रम के चलते देवबंद के टिकट के लिए कार्यकर्ताओं को काफी लंबा इंतजार करना पड़ा और नामांकन शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही सपा हाईकमान की ओर से इस टिकट को फाइनल किया है।

माविया अली के अगले कदम पर टिकी सभी की नजरें।
पूर्व विधायक माविया अली सपा से टिकट के मुख्य दावेदारों में से एक थे, हालांकि सपा हाईकमान ने उन्हें नजरअंदाज कर के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राणा के बेटे कार्तिकेय राणा को प्राथमिकता दी है। कार्तिकेय राणा के टिकट की खबर आने के बाद से माविया अली के समर्थकों में मायूसी देखी जा रही है और अब सभी की नजरें माविया अली के अगले कदम पर टिकी हैं।
पूर्व विधायक माविया अली 2016 में हुए उपचुनाव में देवबंद से विधायक चुने गए थे जबकि 2017 में विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर वह 55 हजार से अधिक वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। मुस्लिम समाज में माविया अली की अच्छी पकड़ समझी जाती है। अब देखने वाली बात यही होगी कि टिकट ना मिलने के बाद माविया अली अगला कदम क्या उठाते हैं? माविया अली किसी दूसरी पार्टी से टिकट लेकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे? या फिर सपा प्रमुख के आश्वासन पर भरोसा करके सपा उम्मीदवार को जिताने का काम करेंगे। 

समीर चौधरी।

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