गजवा-ए-हिंद को लेकर कार्रवाई हुई तो अदालत का रुख करेगा दारुल उलूम दवबंद, मजलिस-ए-शुरा की बैठक कई महत्वपूर्ण निर्णयों के साथ संपन्न, जारी रहेगी ऑनलाइन फतवा सर्विस।

देवबंद: विश्व विख्यात इस्लामिक शिक्षण संस्थान दारुल उलूम देवबंद की मजलिस-ए-शुरा (वर्किंग कमेटी) की बैठक कई अहम फैसलों के साथ गुरुवार को संपन्न हो गई। इस दौरान गजवा-ए-हिंद से संबंधित पुराने फतवे को लेकर आए NCPCR के नोटिस का दारुल उलूम देवबंद द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए जवाब पर शूरा सदस्यों ने संतुष्टि जताई और स्पष्ट किया है कि यदि दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में लाई की गई तो अदालत का रुख किया जाएगा।
बुधवार की सुबह नौ बजे से दारुल उलूम देवबंद के गेस्ट हाउस में आरंभ हुई तीन दिवसीय शूरा की ये बैठक दूसरे दिन गुरुवार दोपहर तीन बैठकों के साथ ही समाप्त हो गई। प्रथम सत्र में एजेंडे के अनुसार शिक्षा, निर्माण, तंजीम व तरक्की और वित्त सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के इंचार्जों ने अपनी रिपोर्टें पेश की, जिस पर शूरा सदस्यों ने संतुष्टि जताते हुए कुछ आवश्यक संशोधन करते हुए अंतिम मोहर लगाई।
इस दौरान शूरा सदस्यों ने दारुल उलूम देवबंद से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय किए, जिनमें विशेष रूप से शिक्षकों की पदोन्नति, छात्रवृत्ति में वृद्धि, शत प्रतिशत उपस्थिति और परीक्षा में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए पुरस्कारों में विशेष वृद्धि शामिल है। साथ ही अधिक अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को निष्कासन की चेतावनी देने और अगले वर्ष नये दाखलों को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर मुहर लगी।
इस बीच शूरा सदस्यों ने स्पष्ट कर दिया है कि दारुल उलूम देवबंद की ओर से ऑनलाइन फतवा प्रणाली जारी रहेगी। वहीं शूरा सदस्यों ने एनसीपीसीआर द्वारा दारुल उलूम देवबंद के खिलाफ कार्रवाई को भेजे गए नोटिस पर अफसोस जताते हुए मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी द्वारा डीएम और एसएसपी सहारनपुर को भेजे गए जवाब पर संतुष्टि जताते हुए साफ़ किया है कि अगर इस संबंध में प्रशासन या सरकार की ओर से कोई कार्रवाई की गई तो दारुल उलूम देवबंद अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। 
इस संबंध में मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि शूरा की यह नियमित शैक्षिक बैठक थी, इसमें संस्था के विकास, कुछ शिक्षकों की पदोन्नति, छात्र के पुरस्कारों में वृद्धि और अन्य शिक्षा व संस्था से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सर्वसम्मति से निर्णय लिए गए। 

बैठक में मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी, सदरूल मुदरिसीन मौलाना सैयद अरशद मदनी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना मुहम्मद आकिल सहारनपुर, सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल, मौलाना अब्दुल अलीम फारूकी, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना अनवारुर रहमान बिजनौरी, मौलाना बिलाल हसनी लखनऊ, मौलाना सैयद हबीब बांदवी, सैयद अंजर हुसैन मियां देवबंदी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मुफ्ती शफीक बेंगलुरु, मौलाना आकिल गढ़ी दौलत और मौलाना मलिक इब्राहिम शामिल हुए।

समीर चौधरी।

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