दीपावली के पावन पर्व पर सिद्धपीठ योगाश्रम में हुआ योगी बाबा का प्रवचन, बोले "संतो का मार्ग छोड़ चित्र की पूजा करना दुखों का कारण है।"

दीपावली के पावन पर्व पर सिद्धपीठ योगाश्रम में हुआ योगी बाबा का प्रवचन, बोले "संतो का मार्ग छोड़ चित्र की पूजा करना दुखों का कारण है।"
देवबंद: क्षेत्र के गांव सैनपुर (शहजादपुर) स्थित सिद्धपीठ शिरोमणि गुरु रविदास योगाश्रम में दीपावली के पावन पर्व पर योगी बाबा ने प्रवचन करते हुए कहा कि मनुष्य के दुखी होने का कारण ने संतों के बताए मार्ग और चरित्र छोड़ चित्र की पूजा करना आरंभ कर दिया है। कहा कि जो लोग गुरु की बात नही मानते वह गुरु के शिष्य नही हो सकते और न ही गुरुके पैर पकड़ने वाले शिष्य की श्रेणी में आते है। कहा कि केवल गुरु की बात ही मानने वाला गुरु का सच्चा शिष्य होता है।
योगी बाबा ने कहा कि अधिकांश संतो ने कहा कि वह भगवान के अवतार है लेकिन गुरु रविदास महाराज ने ऐसा दावा कभी नहीं किया। कहा कि गुरु रविदास जी ने हमेशा ढोंग और आडंबर को छोड़ केवल सत्य की पूजा करने के लिए कहा है। क्योंकि सत्य का तात्पर्य ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरू और गौड से बताया है कि ईश्वर एक है, चाहे हम उसे किसी भी नाम से पुकारे। उन्होंने कहा कि आज लोग अपनी गलती के कारण ही दुखी है क्योंकि हमने संतो के बताए मार्ग पर चलना छोड़ दिया है।
बताया कि संत गुरु रविदास जी ने तो कहा है कि मन चंगा तो कठौती में गंगा, इससे बड़ा कोई सत्य नही हो सकता। कहा कि सत्य के मार्ग पर चल कर ही हम सब दु:खों से छुटकारा पा सकते है। आचार्य जसवीर दास ने आहवान किया कि जिस तरह हम अपने तन और कपड़ों की सफाई करते हैं उसी प्रकार दीवाली पर अपने घरों की साफ-सफाई, आपसी मतभेद दूर कर समरसता का भाव पैदा करना चाहिए।

समीर चौधरी/महताब आज़ाद।

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