झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा विधानसभा में मॉब लिंचिंग के खिलाफ पास किए गए बिल का देवबंदी उलेमा ने किया स्वागत।

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा विधानसभा में मॉब लिंचिंग के खिलाफ पास किए गए बिल का देवबंदी उलेमा ने किया स्वागत।
देवबंद: झारखंड की कांग्रेस समर्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा की हेमंत सोरेन सरकार ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मॉब लिंचिंग के खिलाफ कानून पास कर दिया है। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर पास हुए इस कानून के अंतर्गत मॉब लिंचिंग में शामिल आरोपियों के खिलाफ मौत की सजा, आजीवन कारावास और जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल हैं। झारखंड सरकार के इस कदम को देवबंदी उलेमा ने स्वागत योग्य बताया है और अन्य सरकारों से भी मॉब लिंचिंग के खिलाफ ठोस कदम उठाने की मांग की।

फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना मुफ्ती अरशद फारुकी का कहना है कि झारखंड विधानसभा में मॉब लिंचिंग को लेकर कानून बनाना स्वागत योग्य है। कानून के जरिए सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बीच विश्वास पैदा होगा। इसके साथ ही आपसी सद्भाव और शांति स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस पर पूरी ईमानदारी से अमल किया जाए और अमल कराने वालों की नीयत भी अच्छी होनी चाहिए। 

मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती तारिक कासमी ने कहा कि झारखंड की तरह ही हर राज्य में इस तरह के कानून बनाए जाने की सख्त जरुरत है। क्योंकि पूर्व में दिल्ली, हरियाणा सहित अन्य राज्यों में मॉब लिंचिंग की घटनाएं घटी वह इंसानियत को शर्मसार करनी वाली थीं। सभी को मॉब लिंचिंग बिल का स्वागत करना चाहिए। साथ ही झारखंड सरकार को चाहिए कि वह साफ नीयत के साथ इस कानून पर अमल कराए। ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। 

समीर चौधरी।

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