बड़ा बदलाव: दारुल उलूम देवबंद में ऑनलाइन जमा होंगे दाखिला फार्म, मजलिस ए शूरा का अहम फैसला, दौरा हदीस में भी बढ़ाई गई 100 सीट।

देवबंद: इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम देवबंद की मजलिस-ए-शूरा (सुप्रीम पावर कमेटी) की बैठक में शूरा सदस्यों ने अगले साल से संस्था में दाखिले के लिए ऑनलाइन फार्म जमा किए जाने व कक्षा दौरा हदीस (अरबी अंतिम वर्ष) में 100 सीटे बढ़ाए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए शिक्षा के स्तर को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अहम फैसले किए। दारुल उलूम देवबंद के अतिथि गृह में चार चरणों में संपन्न हुई शूरा की दो दिवसीय बैठक में दारुल उलूम के शिक्षा विभाग, तंजीम तरक्की विभाग समेत अन्य विभागों के प्रभारियों ने शूरा सदस्यों के समक्ष अपनी-अपनी रिपोर्ट पेश की। बैठक में शिक्षण कार्य एवं छात्रावास व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने समेत अन्य अहम फैसले लिए गए। शूरा सदस्यों ने दारुल उलूम में दाखिला प्राप्त करने के इच्छुक देश विदेश के हजारों छात्रों को बड़ी राहत पहुंचाते हुए दाखिला फार्म ऑनलाइन जमा किए जाने का अहम फैसला किया और अगले वर्ष से इसे लागू किए जाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अरबी अंतिम वर्ष में सो सीटें और अधिक बढ़ाए जाने का निर्णय लिया। जिसके बाद दौरा ए हदीस शरीफ में 1200 से अधिक छात्रों का दाखिला हो सकेगा। इसके अलावा शूरा सदस्यों ने मदरसे में अरबी कक्षा एक से तीन तक नए छात्रों का दाखिला न लेने के फैसले पर भी अपनी मोहर लगाई। बैठक में नए शिक्षा पॉलिसी और संस्थाओं के लिए लागू नए नियमों पर भी चर्चा की गई। देश व दुनिया में अमन चैन और मुसलमानों व मदरसों की हिफाजत के लिए दुआ पर बैठक संपन्न हुई। इस दौरान दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी, सदर मुदर्रिस मौलाना अरशद मदनी, हकीम कलीमुल्लाह अलीगढ़ी, मौलाना महमूद मदनी, मौलाना रहमतुल्लाह कश्मीरी, मौलाना अनवारुल रहमान बिजनौरी, मुफ्त इस्लामईल मालेगांव, मौलाना अब्दुल समद बंगाल, मौलाना इश्तियाक मुजफ्फरपुरी, मौलाना अंजर हुसैन मियां देवबंदी, मौलाना महमूद राजस्थानी, मौलाना मोहम्मद आकिल गढ़ी दौलत, मौलाना सैयद बिलाल नदवी, मौलाना मलिक मोहम्मद इब्राहीम मद्रास, मुफ्ती मोहम्मद सालेह, मुफ्ती अहमद बुजुर्ग गुजरात मौजूद रहे।
-----

शूरा के फैसले से हजारों छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ।

देवबंद। विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद में दाखिला लेने के इच्छुक छात्रों को देवबंद पहुंचकर दाखिला फार्म जमा कराना पड़ता था। जिसके चलते ईद के बाद होने वाली प्रवेश परीक्षाओं में बैठने के लिए देश विदेश के हजारों छात्र रमजान के महीने में ही देवबंद पहुंच जाते थे और दाखिला फार्म जमा करने के बाद यहीं रहकर प्रवेश परीक्षा की तिथि का इंतजार करते थे। इस निजाम के चलते संस्था में दाखिले के इच्छुक छात्रों को अपने घर से दूर आकर यहां रहने व खाने पीने का इंतजाम करने में खासी परेशानी भी होती थी। इसी परेशानी को देखते हुए मजलिस ए शूरा द्वारा अगले वर्ष से दाखिला फार्म ऑनलाइन जमा किए जाने के आदेश दिए गए हैं। इस नई व्यवस्था से हजारों छात्रों को लाभ होगा और अब वह ऑनलाइन फार्म जमा करने के बाद सीधे प्रवेश परीक्षा देने के लिए देवबंद पहुंच सकेंगे।

समीर चौधरी।

Post a Comment

0 Comments

देश