भगवाधारी गुंडों के आगे देश की बहादुर बेटी ने लगाए "अल्लाह हू अकबर" के नारे जमीअत उलमा हिंद ने की पांच लाख के ईनाम की घोषणा।

भगवाधारी गुंडों के आगे देश की बहादुर बेटी ने लगाए "अल्लाह हू अकबर" के नारे जमीअत उलमा हिंद ने की पांच लाख के ईनाम की घोषणा।
नई दिल्ली: कर्नाटक में मुस्लिम छात्राओं द्वारा हिजाब पहनने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को कर्नाटक में जो घटना पेश आई उसने पूरे देश के रोंगटे खड़े कर दिए हैं, कर्नाटक के मांड्या प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज कैंपस में जब कुछ भगवाधारी गुंडों (छात्रों) ने एक हिजाब वाली मुस्लिम छात्रा को घेरकर "जय श्रीराम" के नारे लगाने शुरू किए तो छात्रा भी बिना घबराए डटकर "अल्लाह हू अकबर" के नारे लगाने लगी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा में आ गया।
जमीअत उलमा हिंद के प्रमुख मौलाना सैयद महमूद मदनी ने इस छात्रा की हिम्मत बढ़ान के लिए उसे पांच लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
दरअसल मुस्कान (Muskan) नामी छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो में मुस्कान को नारेबाजी करते भगवा स्कार्फ पहने युवकों के बीच घिरा देखा जा सकता है, लेकिन इस दौरान वह उनके खिलाफ जमकर डटी रही।
जैसे ही युवकों का गुट "जय श्री राम" के नारे लगाते हुए छात्रा की ओर बढ़ता है, मुस्कान वापस चिल्लाती है, "अल्लाह हू अकबर!" और चिल्लाती हुई क्लास की ओर बढ़ जाती है। लड़कों का समूह उसके पीछे जाता दिखता है, इस बीच कॉलेज का स्टाफ लड़कों को रोकता हुआ दिखता है और लड़की को साथ ले जाता हुआ दिखता है।
एनडीटीवी से बातचीच करते हुए मुस्कान ने कहा, "मैं बिलकुल चिंतित नहीं थी, हकीकत में हुआ ये कि मैं अपने असाइनमेंट जमा कराना चाहती थी, इसलिए मैंने कॉलेज में प्रवेश किया, लेकिन वो मुझे कॉलेज के अंदर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे थे, क्योंकि मैंने बुर्का पहना हुआ था. हालांकि, किसी न किसी तरह से मैं अंदर आ गई, जिसके बाद वो मेरे सामने चिल्लाने लगे, जय श्री राम के नारे लगाने लगे. उसके बाद मैंने अल्लाह हू अकबर चिल्लाना शुरू कर दिया, भीड़ में सिर्फ 10 प्रतिशत लड़के कॉलेज के थे और बाकि सभी बाहर के थे, स्कूल के प्रिंसिपल और अध्यापकों ने मुझे सपोर्ट किया और भीड़ से मेरी सुरक्षा की, "
मुस्कान ने कहा, "यह पिछले हफ्ते ही शुरू हुआ था. हम हर समय बुर्का और हिजाब पहनते थे. मैं क्लास में हिजाब पहनती थी और बुर्का उतार देती थी, हिजाब हमारा एक हिस्सा है. प्रिंसिपल ने कभी कुछ नहीं कहा. बाहरी लोगों ने इसे शुरू किया है. प्रिंसिपल ने हमें बुर्का नहीं ले जाने की सलाह दी है. हम हिजाब के लिए विरोध करना जारी रखेंगे. यह मुस्लिम लड़की होने का एक हिस्सा है. मेरे हिंदू दोस्तों ने मेरा समर्थन किया. मैं सुरक्षित महसूस करती हूं. सुबह से, हर कोई मुझसे कह रहा है कि हम आपके साथ हैं।"
बता दें कि कर्नाटक भर के कॉलेजों में एक तरफ हिजाब पहनी छात्रों को और दूसरी तरफ युवकों को भगवा स्कार्फ पहने हुए विरोध प्रदर्शन करते हुए देखा जा रहा है. उडुपी के गवर्नमेंट गर्ल्स पीयू कॉलेज में पिछले महीने विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ था, जब छह छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें हिजाब पर जोर देने के लिए कक्षाओं में प्रवेश से रोक दिया गया. इसके बाद विरोध उडुपी और मांड्या और शिवमोग्गा जैसे अन्य शहरों में फैल गया. स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी स्कूल-कॉलेजों को तीन दिन तक बंद रखने का ऐलान किया है। उधर, इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।

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